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निजामुद्दीन की तबलीगी जमात से जुड़ी यह बड़ी खबर सामने आई है l


निजामुद्दीन की तबलीगी जमात से जुड़ी यह बड़ी खबर सामने आई  है l निजामुद्दीन की तबलीगी जमात से अपराध शाखा ने दो सूटकेश और दस्तावेज जप्त किए हैं अब जमात का राज खोलने के लिए दिल्ली पुलिस उर्दू विशेषज्ञों की मदद ले रही है क्योंकि यह सभी दस्तावेज उर्दू में है उर्दू एक्सपर्ट की मदद ली जाएगी क्राइम ब्रांच के द्वारा क्योंकि जो तबलीगी जमात से जो दस्तावेज मिले हैं वह सब उर्दू में है इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी जुटाए गए हैं ऐसे में अब दिल्ली पुलिस के लिए भी यह चुनौती होगी कि ऐ जो पूरे लापरवाही है उसको अच्छी तरह से समझें तबलीगी जमात के लोग हैं यह देश में कहां-कहां फैल गए जब दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की टीम वहां पहुंची थी तो सबसे पहले तबलीगी जमात के दो सदस्यों को फोन करके बुलाया गया, जो कि बाद में तबलीगी जमात यह कोई आरोप न लगा सके कि वह फला-फला चीज ले गए और उनको नहीं मिल रही है ! सबसे पहले तबलीगी जमात के दो सदस्यों को फोन करके बुलाया गया गवाह के तौर पर, उनके सामने इस पूरे परिसर की तलाशी और वीडियोग्राफी का काम हुआ इस तलाशी के दौरान दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को जो दस्तावेज मिले वह सभी उर्दू में लिखे हुए थे कोई भी दस्तावेज हिंदी में नहीं था इसके चलते दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को समझ में नहीं आए  2 सूटकेस से ज्यादा सामान था दिल्ली पुलिस ने अपने कब्जे में कर लिया उसका एक पंचनामा बनाया गया और जो उसके निजामुद्दीन तबलीगी जमात समाज के जो दोनों सदस्य थे उनको उस पर गवाह के तौर पर हस्ताक्षर कराए गए सबसे महत्वपूर्ण बात है कि इन उर्दू दस्तावेजो से इनमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने का अनुमान है दिल्ली पुलिस को,और जो मौजूद उर्दू विशेषज्ञ हैं उनकी टीम को बुलाया गया और आज इन दस्तावेजों को ट्रांसलेट किया जाने का काम चल रहा है l मौलाना साद जो किस तबलीगी के हेड है वह अभी आइसोलेशन में है l उन्होंने जानकारी दी है हालांकि दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर लिया है पुलिस ने मरकज के दो सदस्यों को गवाह भी बनाया है और यह सिर्फ दस्तावेज नहीं है इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज भी कुछ जप्त किए गए क्राइम ब्रांच के द्वारा दस्तावेज से मालूम होगा कि कितने लोगों ने इसमें हिस्सा लिया था और देश में वह कहां-कहां बिखर गए, क्योंकि अभी भी एक बड़ी समस्या यह है कि मरकज के लोग खुद से निकलकर बाहर नहीं आ रहे हैं उनको खोजना पड़ रहा है उन पर छापेमारी करनी पड़ रही है, जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जप्त हुई है उनको खोलने के बाद और जो जो उर्दू के दस्तावेज है उनको ट्रांसलेट की जाने के बाद एक बहुत बड़ा राज सामने आ जाएगा कि आखिर 1 मार्च से लेकर और 22 मार्च तक जो मरकज में कितने लोग आए थे क्योंकि मरकज के लोगों के द्वारा ही कहा जा रहा था कि वह पूरी लिस्ट मेंटेन करते हैं दूसरी महत्वपूर्ण के कितने पदाधिकारी हैं और कहां-कहां वह देश में फैले हुए हैं इन तमाम बातों की जानकारी मिल सकती है लेकिन सारे दस्तावेजों के बारे में जानकारी उर्दू में लिखी गई है कैसे यह लोग सारे हिंदुस्तान में फैल गए lअब  यह जो वायरस मरकज से चेन्नई पहुंच गया यह वायरस तेलंगाना पहुंच गया बिहार पहुंच गया क्योंकि मरकज में लगभग 3000 से 4000 लोगों ने हिस्सा लिया और यहां से हिस्सा लेने के बाद ही देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल गए तो नई दिल्ली से रांची राजधानी एक्सप्रेस 17 मार्च को प्रस्थान हुआ रांची जंक्शन तक यह पहुंचे और तबलीगी जमात से जुड़े हुए लोग इसी रांची एक्सप्रेस में बैठे और तमाम लोगों के संपर्क में भी आए ट्रेन के और उसके बाद यह रांची पहुंचे बीच में कानपुर, गया, बोकारो आया यहां पर भी कुछ समाज से जुड़े हुए लोग उतर गए कोच में जो 60 यात्री थे मौजूद इन तबलिगही जमात के लोगों के साथ अब उनको भी आइसोलेशन में किया जा रहा है इस तरह मरकज में जिन लोगों ने हिस्सा लिया वह पूरे देश में फैल गया गए है l
निजामुद्दीन की तबलीगी जमात से जुड़ी यह बड़ी खबर सामने आई है l निजामुद्दीन की तबलीगी जमात से जुड़ी यह बड़ी खबर सामने आई  है l Reviewed by THE NEWS DAY on 9:32 PM Rating: 5

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