20 लाख करोड़ की आर्थिक पैकेज की 10 बरी बाते
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी के कारण लड़खड़ाई अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूती देने के लिये 20 लाख करोड़ रुपये के जिस प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा मंगलवार को की वह दुनिया में विभिन्न देशों द्वारा अब तक घोषित बड़े आर्थिक पैकेजों में से एक है. प्रधानमंत्री ने बताया कि 20 लाख करोड़ रुपये का यह पैकेज देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 10 प्रतिशत के बराबर होगा. इस लिहाज से यह कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे देशों द्वारा घोषित बड़े पैकेजों में सुमार हो गया है l
अगर भारत की आबादी 133 करोड़ (1,33,00,00,000 - 133 के बाद सात शून्य) मानी जाए, तो इस हिसाब से हर एक के हिस्से में 15,037.60 रुपये आएंगे. अगर आबादी 130 करोड़ (1,30,00,00,000 -
13 के बाद आठ शून्य) मानी जाए, तो इस हिसाब से हर एक के हिस्से में 15,384.60 रुपये आएंगे. हालांकि यह एक बात साफ कर दें कि यह आर्थिक प्रति व्यक्ति के हिसाब से नहीं बांटा जाएगा, ऐसा कोई प्रावधान नहीं है l
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) एक निश्चित समय में देश के अंदर बनने वाली सभी तैयार वस्तुओं और सेवाओं की कीमत या मौद्रिक मूल्य को जीडीपी कहा जाता है. जीडीपी में निजी और सार्वजनिक उपभोग, निवेश, सरकारी खर्च, निजी आविष्कार, भुगतान-निर्माण लागत और व्यापार का विदेशी संतुलन शामिल है. जीडीपी एक तरह की आर्थिक सेहत के स्थिति जानने का पैमाना होता है l
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस में आत्मनिर्भर भारत और पीएम नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज (Economic Package) के मामले में विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के मामले में विस्तृत दृष्टिकोण दिया है.वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेस की 10 बातें
- माइक्रो, स्माल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) की बेहतरी के लिए छह कदम उठाए जाएंगे, इसके तहत तीन लाख करोड़ का लोन बिना गारंटी का मिलेगा.
MSME में एमएसएमई फंड ऑफ फंड के जरिये 50,000 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी डाली जाएगी.
- इस श्रेणी की इकाइयों को दिये जाने पर कर्ज को लौटाने के लिये एक साल की मोहलत दी जाएगी, दबाव वाले एमसएएमई को 20,000 करोड़ रुपये का (बिना गारंटी के) कर्ज दिया जाएगा, इससे 2 लाख एमएसएमई लाभान्वित होंगे.
- 200 करोड़ रुपये तक की सरकारी खरीद में ग्लोबल टेंडर नहीं मंगाए जाएंगे. सिर्फ देसी कंपनियों को ही ये टेंडर मिलेंगे
- बिजली वितरण कंपनियों के समक्ष गंभीर संकट है, इसके चलते उन्हें 90,000 करोड़ रुपये की आपात नकदी उपलब्ध करायी जाएगी
- गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, आवास वित्त कंपनियों और एमएफआई (सूक्ष्म वित्त संस्थान) के लिये 30,000 करोड़ रुपये के धन के उधार की सुविधा देने का फैसला किया गया है
- कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान के लिए सरकार 2,500 करोड़ रुपये देगी, यह प्रोत्साहन योजना अगस्त तक के लिये बढ़ाने का फैसला किया गया है. 15 हजार से कम सैलरी वाले का EPF सरकार देगी, 72 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा होगा. तीन महीने के ईपीएफ के लिए सरकार 2500 करोड़ रुपये देगी.
- टीडीएस रेट्स में 25 प्रतिशत कम की गई, इससे 50 हजार करोड़ रुपये का लाभ आम जनता को मिलेगा. TDS तथा TCS कटौती की दर को मार्च,
2021 तक के लिए घटाया गया.
- फाइनेंसियल ईयर 2019-20 की सभी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को 31 जुलाई,
2020 तथा 31 अक्टूबर, 2020 से 30 नवंबर,
2020 तक बढ़ाया गया
- कोविड-19 का प्रभाव हमारे रियल स्टेट पर भी पड़ा है. इसके लिए शहरी विकास मंत्रालय राज्य की सरकारों को एडवाइजरी जारी करेगी कि रजिस्ट्रेशन और कंप्लीटीशन डेट को छह महीने के लिए आगे बढ़ा दिया जाए. इससे कंस्ट्रक्शन कंपनियों को राहत मिलेगी.
- नियोक्ताओं द्वारा सांविधिक पीएफ योगदान की दर को 12 प्रतिशत से कम कर 10 प्रतिशत किया गया, इससे उनके पास 6,750 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी.
Reviewed by THE NEWS DAY
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12:17 AM
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